*किरीट सवैया* 1--रोय किसान धरे मुड़ ला अब नीर बिना सब खेत सुखावय । का विधना अपराध करे हन ये दुख काबर हे नहि जावय । थोकिन मोर घलो सुनले बिनती महराज कहाँ सुख हावय । जोड़य हाँथ नवावय माथ बता कइसे जग दुःख सुनावय । 2---केशव माधव हे मधुसूदन गोपकुमार सुनो नटनागर । ये जग ला विपदा अति पेरय दूर करो दुख हे सुख सागर । प्रीत मया बिन ये जग मा अति पाप बढ़े छलके छल गागर । हे मुरली धर रास रचावव प्रेम दया बरसावव आगर । आशा देशमुख Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 01, 2018 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
*सुमुखी सवैया March 22, 2018 सुमुखी सवैया नवरात घरो घर मंदिर जोत जले ,जग हा नवरात मनावत हे। चले धर सेउक हूमन धूपन ,माँदर ढोल बजावत हे। दिखै बगिया बड़ सुघ्घर माँ ,दिन रात बढ़े लहरावत हे। परे पइँया जग हा मइया ... Read more
कुण्डलिया छंद मतदान के कीमत 1--सेवा करही कोन वो ,धरती दाई तोर। बिकत हवय ईमान हा ,अंतस रोवय मोर। अंतस रोवय मोर ,राज सच हा कब करही। फइले लालच रोग ,कोन दुख पीरा हरही। पइसा खेले खेल , हाथ मा धरके मेवा। पद सब उड़े अगास ,कहाँ धरती के सेवा। 2---अब्बड़ कीमत वोट के ,कोन हवय हकदार। सोचत रहिथंव रात दिन , कोन बनय सरकार। कोन बनय सरकार ,देश के पीरा जानँय। फेंके भ्रष्टाचार ,आम जनता ला मानँय। रखय तंत्र मजबूत ,करय झन कोनो गड़बड़। एक एक मतदान ,कीमती हावय अब्बड़। आशा देशमुख December 26, 2018 Read more
बरवै छंद आये हे नवराती ,दीया बार। पारँव तोर दुवारी ,मँय गोहार। 1। दुख पीरा ला हरदे ,दाई मोर। बइठे हँव मँय दाई ,शरण म तोर।2। दे दे दाई मोला ,अँचरा छाँव। तोर नेवता पाके ,दँउड़त आँव।3। तिहीं रचाये दाई ,ये संसार। तोर मया बोहावय ,अमरित धार।4। तँय दाई हम लइका ,आवँन तोर। तोर दया के सागर ,करय हिलोर।5। तोर कृपा से जागय ,सबके भाग। कोंदा ला भी मिलथे ,वाणी राग।6। कइसे तोरे महिमा ,करँव बखान। सर्व शक्ति तँय दाई ,दे वरदान। 7। आशा देशमुख December 26, 2018 Read more
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