*अरसात सवैया*
1--ये मन मा अँधियार हवे भरदे सब ज्ञान हरो तम शारदे ।
भागत हे बिन डोर बँधे कस दे भटके मन मा रम शारदे ।
ज्ञान बसे जब ये हिरदे सब देखत भागत हे भ्रम शारदे ।
देवव दान दया किरपा उजियार करो जग पूनम शारदे ।
2--जेन किलो भर लाय कभू अब पाव धरे घर लावय गोंदली ।
साग पताल घलो मँहगा अति कोन कहाँ अब खावय गोंदली ।
वो दिन हा सपना कस लागय फोरन मा ममहावय गोंदली ।
हाट बजार लगे अइसे सबके सिर ताव नवावय गोंदली ।
आशा देशमुख
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