*सुन्दरी सवैया* 1--तरसे रँधनी घर तेल बिना अउ मंदिर जोत जलावत घी के । मुखिया बनके इतरावत हे सबला उरकावत हावय पी के । पर के वश मा रहही जिनगी तब काय करे मरके अउ जी के । अब कोन बतावय दाँत इँहा अलगे अलगे कथनी करनी के। 2---डिगरी धरके किंजरे लइका मन काम बुता बिन हे भटके जी । मिल जाय कहूँ जब काम बुता तनखा मिलथे बहुते कट के जी । कतका गुण हे कतको झन के बिन शोर सिफारिश के अटके जी ।सरकार कती जब काम मिले तब इंखर तो लटके झटके जी। 3--उपकार मनावव ये जिनगी सुख ईश्वर के बरदान मिले हे । किरपा गुरु के मिल जाय कभू तब मानँव गा भगवान मिले हे । भरके चुप जेन समुन्दर के कस मान तभे सत ज्ञान मिले हे । जइसे मनखे मन काम करे वइसे जग मा पहिचान मिले हे । 4---सुरसा कस बाढ़त दाहिज के मुँह कोन इँहा अब बंद करावै । कतको धन डारत हे मुख मा तब ले भइया कमती पड़ जावै । कतको बिटिया बहिनी मन के जिनगी दुख के सँग बीतत हावै । कइसे अब रीत रिवाज निभै कइसे सुख के परिवार बसावै । 5--बड़का पद पावत ये मनखे मन काबर जी बहुते इतराथे । पर के पिरिया दुख ला समझे नइ फोकट मान मया दिखलाथे। कथनी अलगे करनी अलगे मउँका परथे तब माथ नवाथे । कइसे बिसवास करे अब गा तुरते सब एमन बात बनाथे । 6--बिहने बिहने लइका मन आवय बोलत हावय छेरिक छेरा। हुत पारत हे चिल्लावत हे पइसा अउ धान ल हेरव हेरा। मिलके सब आवत संग धरे अबड़े झन गोल बनावय घेरा। कतको झन तो दुइ चार घनी कतको झन फेर लगावय फेरा। आशा देशमुख

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*सुमुखी सवैया

कुण्डलिया छंद मतदान के कीमत 1--सेवा करही कोन वो ,धरती दाई तोर। बिकत हवय ईमान हा ,अंतस रोवय मोर। अंतस रोवय मोर ,राज सच हा कब करही। फइले लालच रोग ,कोन दुख पीरा हरही। पइसा खेले खेल , हाथ मा धरके मेवा। पद सब उड़े अगास ,कहाँ धरती के सेवा। 2---अब्बड़ कीमत वोट के ,कोन हवय हकदार। सोचत रहिथंव रात दिन , कोन बनय सरकार। कोन बनय सरकार ,देश के पीरा जानँय। फेंके भ्रष्टाचार ,आम जनता ला मानँय। रखय तंत्र मजबूत ,करय झन कोनो गड़बड़। एक एक मतदान ,कीमती हावय अब्बड़। आशा देशमुख

बरवै छंद आये हे नवराती ,दीया बार। पारँव तोर दुवारी ,मँय गोहार। 1। दुख पीरा ला हरदे ,दाई मोर। बइठे हँव मँय दाई ,शरण म तोर।2। दे दे दाई मोला ,अँचरा छाँव। तोर नेवता पाके ,दँउड़त आँव।3। तिहीं रचाये दाई ,ये संसार। तोर मया बोहावय ,अमरित धार।4। तँय दाई हम लइका ,आवँन तोर। तोर दया के सागर ,करय हिलोर।5। तोर कृपा से जागय ,सबके भाग। कोंदा ला भी मिलथे ,वाणी राग।6। कइसे तोरे महिमा ,करँव बखान। सर्व शक्ति तँय दाई ,दे वरदान। 7। आशा देशमुख