*आभार सवैया* विनत भाव गुरु पौंरी मा आभार मानौं गुरू आपके मैं दिये ज्ञान जोती अँधेरा मिटायेव । संसार के सार निस्सार जम्मो कते फूल काँटा सबो ला बतायेव। रद्दा ल रोके जमाना तभो ले हवा शीत आँधी म दीया जलायेव। माथा नवावौं गुरू पाँव मा मैं छुपे जोगनी ला चँदैनी बनायेव । काली कमाई कारी कमाई करे जेन भारी करे हाँथ काला डुबावै घलो नाम। चुप्पे हवे नाम हल्ला मचावै इहाँ लोभ के भीतरी मा करे काम। कर्जा छुटावै नही ये कभू तोर चाहे लहू खून चाहे बिके चाम। रोटी मिले दू चले जिंदगानी करो आसरा जी सबो के हवे राम। *ममा भांचा* भाँचा ममा हा चढ़े एक डोंगा तभे बीच धारे ग डोंगा गये डूब। तैहा कहानी बने आज सित्तो सियानी गियानी करे गोठ हे खूब। पानी चढ़े मूड़ के ऊपरे मार धारी उलाचा तभो बाँचगे दूब। किस्सा इही रोज होवै अभी तो कहे मा सुने मा ग भारी लगै ऊब । *होरी* होरी घलो आ गए तीर संगी बजावौ नगाड़ा रचौ गीत गा फाग । गावौ सुनावौ मया मीठ बोली सनाये रहे जी बने छंद के राग । मेटौ मिटावौ सबो बैर के भाव हाँसी ख़ुशी चाशनी के रहे पाग। खेलौ सबो संग रंगे गुलाले मया मान राखौ ग रिश्ता नता लाग। होली के आनन्द होली मनाये सबो आज ऐसे कभू ये ल कोनो भुलाये नही जाय। पीये रहे छंद के भंग जम्मो मजा ला मया के बताये नही जाय। छाये सनाये रँगे प्रेम जम्मो अऊ दूसरा रंग लगाये नही जाय। हाँसी खुसी मान आनन्द ऐसे भरे आज झोली समाये नही जाय। आशा देशमुख

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*सुमुखी सवैया

कुण्डलिया छंद मतदान के कीमत 1--सेवा करही कोन वो ,धरती दाई तोर। बिकत हवय ईमान हा ,अंतस रोवय मोर। अंतस रोवय मोर ,राज सच हा कब करही। फइले लालच रोग ,कोन दुख पीरा हरही। पइसा खेले खेल , हाथ मा धरके मेवा। पद सब उड़े अगास ,कहाँ धरती के सेवा। 2---अब्बड़ कीमत वोट के ,कोन हवय हकदार। सोचत रहिथंव रात दिन , कोन बनय सरकार। कोन बनय सरकार ,देश के पीरा जानँय। फेंके भ्रष्टाचार ,आम जनता ला मानँय। रखय तंत्र मजबूत ,करय झन कोनो गड़बड़। एक एक मतदान ,कीमती हावय अब्बड़। आशा देशमुख

*किरीट सवैया* 1--रोय किसान धरे मुड़ ला अब नीर बिना सब खेत सुखावय । का विधना अपराध करे हन ये दुख काबर हे नहि जावय । थोकिन मोर घलो सुनले बिनती महराज कहाँ सुख हावय । जोड़य हाँथ नवावय माथ बता कइसे जग दुःख सुनावय । 2---केशव माधव हे मधुसूदन गोपकुमार सुनो नटनागर । ये जग ला विपदा अति पेरय दूर करो दुख हे सुख सागर । प्रीत मया बिन ये जग मा अति पाप बढ़े छलके छल गागर । हे मुरली धर रास रचावव प्रेम दया बरसावव आगर । आशा देशमुख