*चकोर सवैया* होवय आज बिहाव सखी कइना तुलसी वर सालिकराम । सुघ्घर रंग सजाव सँवारव होय सबो सुभ पूरनकाम । माथ नवावत हे जग हा तुलसी चँउरा बिरवा सुख धाम । पाप सबो उतरे तनके मनके जपले तुलसी हरि नाम । आशा देशमुख Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 01, 2018 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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