*सुमुखी सवैया Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps March 22, 2018 सुमुखी सवैया नवरात घरो घर मंदिर जोत जले ,जग हा नवरात मनावत हे। चले धर सेउक हूमन धूपन ,माँदर ढोल बजावत हे। दिखै बगिया बड़ सुघ्घर माँ ,दिन रात बढ़े लहरावत हे। परे पइँया जग हा मइया ... Read more